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श्रमण, धर्म-संस्थापक

सिद्धार्थ गौतम — बुद्ध

Siddhartha Gautama

शाक्य गणराज्य के एक कुलीन परिवार का व्यक्ति, जिसने दुख के प्रश्न को इतनी गंभीरता से लिया कि उसका उत्तर खोजने घर छोड़ दिया।

Establishedप्रमाणित

काल

c. 563–483 BCE (तिथियाँ विवादित)

Seasons

The honest version

हम असल में क्या जानते हैं?

साक्ष्य और परंपरा, अलग-अलग

यह किसी परंपरा का अपमान नहीं है। यह सिर्फ़ यह बताना है कि किस बात के पीछे समकालीन प्रमाण है, और कौन-सी बात हम तक बहुत बाद के ग्रंथों से पहुँची।

साक्ष्य

प्रमाणित या अत्यंत संभावित

  • एक ऐसा ऐतिहासिक व्यक्ति निश्चित रूप से था — इस पर विद्वानों में सहमति है
  • अशोक ने लुम्बिनी में स्तंभ लगवाकर उसे बुद्ध का जन्मस्थल बताया — यह जन्मस्थान की सबसे पुरानी ठोस पुष्टि है
  • प्रारंभिक पालि ग्रंथ स्थान-नाम और राजनीतिक परिस्थितियाँ ऐसी बताते हैं जो पुरातत्व से मेल खाती हैं

परंपरा

बाद के ग्रंथों और लोक-स्मृति से

  • जन्म के समय के चमत्कार, बत्तीस महापुरुष-लक्षण
  • चार दृश्यों (वृद्ध, रोगी, मृत, संन्यासी) की सुव्यवस्थित कथा
  • मार से युद्ध का प्रसंग

विवादित

जहाँ इतिहासकार असहमत हैं

  • जन्म और मृत्यु की सटीक तिथियाँ — विद्वान 563–483 BCE और 480–400 BCE के बीच बँटे हैं
  • प्रारंभिक उपदेशों का कितना अंश शब्दशः बुद्ध का है और कितना संघ द्वारा व्यवस्थित

Life

प्रमुख घटनाएँ

  1. c. 534 BCE

    गृहत्याग

  2. c. 528 BCE

    बोधगया में संबोधि

  3. c. 528 BCE

    सारनाथ में पहला उपदेश — धम्मचक्कप्पवत्तन

  4. c. 483 BCE

    कुशीनगर में महापरिनिर्वाण

राजनीतिक उदय

राजकुमार नहीं, गण-प्रमुख के परिवार से। शाक्य एक गणराज्य था, इसलिए 'राजा का बेटा' कहना आधुनिक अर्थ में भ्रामक है।

स्रोतों के अनुसार स्वभाव

स्रोतों में एक ऐसा व्यक्ति उभरता है जो तर्क करता है, प्रश्न को टालता नहीं, और चरम तप को उतना ही अस्वीकार करता है जितना भोग को।

परिवार

  • पिता शुद्धोदन
  • माता माया
  • पत्नी यशोधरा
  • पुत्र राहुल

उपलब्धियाँ

  • दुख, उसके कारण और निवारण का एक व्यवस्थित विश्लेषण — चार आर्य सत्य
  • संघ — एक ऐसा संगठन जिसमें प्रवेश के लिए जन्म नहीं, संकल्प चाहिए था
  • उपदेश लोकभाषा में, संस्कृत में नहीं — यह एक सचेत निर्णय था

विरासत

एशिया के बड़े हिस्से का धार्मिक और दार्शनिक ढाँचा; और भारत में वह शब्दावली — कर्म, धर्म, निर्वाण — जो आज भी रोज़मर्रा की भाषा में है।

Sources

स्रोत

  • आधुनिक इतिहासकार2002

    Early India: From the Origins to AD 1300

    Romila Thapar

    प्राचीन भारत का मानक आधुनिक सर्वेक्षण; स्रोत-आलोचना पर विशेष बल।

  • आधुनिक इतिहासकार2008

    A History of Ancient and Early Medieval India

    Upinder Singh

    पुरातत्व और ग्रंथों को साथ रखकर पढ़ने वाला विस्तृत textbook।

  • अभिलेखc. 260–232 BCE

    अशोक के अभिलेख (Major Rock Edicts, Pillar Edicts, Minor Edicts)

    Ashoka Maurya

    भारतीय इतिहास का पहला बड़ा प्रत्यक्ष लिखित स्रोत — और दुर्लभ रूप से, शासक का अपना स्वर। फिर भी यह सरकारी घोषणा है; यह बताता है अशोक क्या कहलाना चाहता था।