Places
स्थान
हर जगह के साथ एक सवाल जुड़ा है जो आमतौर पर नहीं पूछा जाता — यह यहीं क्यों थी? जवाब लगभग हमेशा नदी, दर्रे, तट या मिट्टी में मिलता है।
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भीमबेटका
रायसेन, मध्य प्रदेश · Palaeolithic – historic
600 से अधिक शैलाश्रय, जिनकी दीवारों पर हज़ारों साल की चित्रकारी है।
यहीं क्यों — विंध्य की बलुआ-पत्थर की चट्टानें प्राकृतिक छत देती थीं, पास में पानी और शिकार — यानी रहने की सबसे तर्कसंगत जगह।
Established मेहरगढ़
कच्छी मैदान, बलूचिस्तान · c. 7000–2600 BCE
दक्षिण एशिया का सबसे पुराना ज्ञात कृषि-गाँव।
यहीं क्यों — बोलन दर्रे के मुहाने पर — पहाड़ और मैदान के बीच, जहाँ ईरानी पठार से आने-जाने का रास्ता है।
Established- siteS01
अत्तिरमपक्कम
तिरुवल्लूर, तमिलनाडु · Lower–Middle Palaeolithic
भारत के सबसे अच्छे dated पुरापाषाण स्थलों में से एक।
यहीं क्यों — कोर्तल्लयार नदी के किनारे — पत्थर, पानी और शिकार, तीनों एक जगह।
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मोहनजोदड़ो
लरकाना, सिंध · c. 2600–1900 BCE
हड़प्पा सभ्यता का सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह संरक्षित नगर।
यहीं क्यों — सिंधु के किनारे — बाढ़ का उपजाऊ मैदान, और नदी से नाव-मार्ग सीधे समुद्र तक।
Established - cityS02
हड़प्पा
साहीवाल, पंजाब (पाकिस्तान) · c. 3300–1900 BCE
पहला खोजा गया नगर — इसी के नाम पर पूरी सभ्यता का नाम पड़ा।
यहीं क्यों — रावी के किनारे, ऊपरी पंजाब में — पहाड़ी कच्चे माल और मैदानी अनाज के बीच का जंक्शन।
Established - cityS02
धोलावीरा
कच्छ, गुजरात · c. 3000–1500 BCE
जल-संचयन का असाधारण उदाहरण — जलाशयों की पूरी शृंखला।
यहीं क्यों — खारे रण के बीच एक द्वीप पर। यहाँ पानी बचाना विलासिता नहीं, अस्तित्व का प्रश्न था।
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लोथल
अहमदाबाद ज़िला, गुजरात · c. 2400–1900 BCE
मनके बनाने का बड़ा केंद्र, और एक विशाल ईंट-संरचना जिसे प्रायः dockyard कहा जाता है।
यहीं क्यों — खंभात की खाड़ी के पास — समुद्री व्यापार और अंदरूनी कच्चे माल के बीच।
Debated - cityS02
राखीगढ़ी
हिसार, हरियाणा · c. 3300–1900 BCE
क्षेत्रफल में सबसे बड़े हड़प्पा नगरों में से एक।
यहीं क्यों — घग्घर-हाकरा तंत्र के किनारे — वह क्षेत्र जहाँ सबसे अधिक हड़प्पा स्थल मिले हैं।
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कालीबंगा
हनुमानगढ़, राजस्थान · c. 3500–1900 BCE
जुते हुए खेत का सबसे पुराना ज्ञात प्रमाण यहीं मिला।
यहीं क्यों — सूख चुकी नदी-धारा के किनारे — जिसका सूखना ही यहाँ की कहानी का अंत है।
Established पाटलिपुत्र
पटना, बिहार · c. 5th century BCE – 6th century CE
मगध, मौर्य और गुप्त — तीनों की राजधानी। मेगस्थनीज़ के अनुसार लकड़ी की विशाल प्राचीर और सैकड़ों बुर्ज।
यहीं क्यों — गंगा, सोन और गंडक के संगम पर — तीन दिशाओं में पानी की सुरक्षा और चारों दिशाओं में नदी-मार्ग।
Establishedराजगृह
राजगीर, बिहार · c. 6th–4th century BCE
मगध की पहली राजधानी; बुद्ध और महावीर दोनों यहाँ आए।
यहीं क्यों — पाँच पहाड़ियों से घिरी घाटी — प्राकृतिक क़िला।
Establishedसारनाथ
वाराणसी, उत्तर प्रदेश · c. 5th century BCE onward
बुद्ध का पहला उपदेश; और अशोक का सिंह-शीर्ष, जो आज भारत का राजचिह्न है।
यहीं क्यों — काशी के पास — उस समय का बड़ा नगर और विचारों का चौराहा।
Establishedतक्षशिला
रावलपिंडी, पंजाब (पाकिस्तान) · c. 6th century BCE – 5th century CE
शिक्षा और व्यापार का बड़ा केंद्र; फ़ारसी, यूनानी, मौर्य, शक और कुषाण — सबने यहाँ शासन किया।
यहीं क्यों — उत्तरापथ पर, दर्रों के ठीक पीछे — जो भी भारत में आया, यहीं से गुज़रा।
Establishedसाँची
रायसेन, मध्य प्रदेश · 3rd century BCE – 12th century CE
अशोक-कालीन स्तूप का केंद्र, जिस पर बाद की सदियों में तोरण-द्वार जुड़े।
यहीं क्यों — उज्जैन–विदिशा व्यापार-मार्ग के पास — व्यापारी ही इन स्तूपों के सबसे बड़े दानदाता थे।
Established- portS08
मुज़िरिस
पत्तनम/कोडुंगल्लूर क्षेत्र, केरल · c. 1st century BCE – 4th century CE
रोम के साथ काली मिर्च के व्यापार का सबसे प्रसिद्ध बंदरगाह।
यहीं क्यों — पश्चिमी घाट की मिर्च और मानसूनी हवाओं का मिलन-बिंदु।
Probable उज्जयिनी
उज्जैन, मध्य प्रदेश · c. 6th century BCE onward
अवंति की राजधानी; बाद में खगोल-गणना का भारतीय प्रधान मध्याह्न रेखा-नगर।
यहीं क्यों — उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम मार्गों का चौराहा।
Establishedनालंदा
नालंदा, बिहार · c. 5th–12th century CE
विशाल बौद्ध महाविहार, जहाँ चीन, कोरिया, तिब्बत और दक्षिण-पूर्व एशिया से छात्र आते थे।
यहीं क्यों — मगध के हृदय में, राजकीय संरक्षण और समृद्ध कृषि-अधिशेष के बीच।
Established- cityS11
तंजावुर
तंजावुर, तमिलनाडु · 9th–13th century CE
चोल राजधानी; बृहदीश्वर मंदिर।
यहीं क्यों — कावेरी डेल्टा — दक्षिण भारत का सबसे उपजाऊ क्षेत्र, यानी सबसे बड़ा अन्न-अधिशेष।
Established दिल्ली
दिल्ली · 12th century CE – present
सल्तनत, मुग़ल और आधुनिक गणराज्य — तीनों की राजधानी।
यहीं क्यों — अरावली की अंतिम कगार और यमुना के बीच का संकरा गलियारा — उत्तर-पश्चिम से आने वाले हर रास्ते का द्वार, और गंगा-मैदान की ओर का ताला।
Established- cityS13
विजयनगर (हम्पी)
हम्पी, कर्नाटक · 1336–1565 CE
दुनिया के सबसे बड़े नगरों में से एक, जिसे विदेशी यात्रियों ने विस्मय से दर्ज किया।
यहीं क्यों — तुंगभद्रा नदी और विशाल ग्रेनाइट पहाड़ियाँ — पानी और प्राकृतिक दुर्ग, दोनों एक साथ।
Established - cityS15
आगरा
आगरा, उत्तर प्रदेश · 16th–18th century CE
मुग़ल राजधानी; ताजमहल और आगरा क़िला।
यहीं क्यों — यमुना के किनारे, दिल्ली और मालवा-दक्कन मार्ग के बीच।
Established - fortS16
रायगढ़
रायगढ़, महाराष्ट्र · 17th century CE
मराठा राजधानी; 1674 में शिवाजी का राज्याभिषेक यहीं हुआ।
यहीं क्यों — सह्याद्रि की खड़ी चट्टानों पर — जहाँ बड़ी सेना और तोपख़ाना पहुँच ही नहीं सकता।
Established - siteS18
प्लासी
नदिया, पश्चिम बंगाल · 1757
वह आम-बगीचा जहाँ बंगाल की सत्ता एक दिन में बदल गई।
यहीं क्यों — मुर्शिदाबाद के रास्ते पर — राजधानी और कंपनी के कलकत्ता ठिकाने के बीच।
Established कलकत्ता
कोलकाता, पश्चिम बंगाल · 1690–1911 (राजधानी)
कंपनी और फिर ब्रिटिश भारत की राजधानी; और उन्नीसवीं सदी के सुधार-आंदोलनों का केंद्र।
यहीं क्यों — हुगली नदी पर — जहाज़ अंदर तक आ सकते थे, और बंगाल का कपड़ा व अनाज पास में था।
Established- siteS22
जलियाँवाला बाग़
अमृतसर, पंजाब · 13 अप्रैल 1919
चारदीवारी से घिरा वह मैदान जहाँ से निकलने का एक ही सँकरा रास्ता था।
यहीं क्यों — स्वर्ण मंदिर के पास, बैसाखी के दिन भीड़ जुटने की स्वाभाविक जगह।
Established - siteS22
दांडी
नवसारी, गुजरात · अप्रैल 1930
वह तट जहाँ 241 मील की पदयात्रा के बाद गांधी ने मुट्ठी भर नमक उठाया।
यहीं क्यों — समुद्र, और कानून — दोनों वहीं मिलते थे।
Established