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Season 18 · In production

THE COMPANY TAKES INDIA

एक कंपनी, एक देश

साठ वर्षों में एक व्यापारिक कंपनी ने कर-वसूली, सेना और अदालत — तीनों अपने हाथ में ले लिए। यह कैसे हुआ, और भारतीय शक्तियाँ क्यों नहीं रोक पाईं?

Period
1757 – 1818 CE
Subtitle
प्लासी से 1818 तक
Episodes
7 outlined

Season introduction

यह season किस बारे में है

प्लासी को 'युद्ध' कहना लगभग ग़लत है। वह मुख्यतः एक सौदा था, जिसे युद्ध का रूप दिया गया।

मीर जाफ़र की सेना खड़ी रही। जगत सेठ जैसे बैंकरों ने पैसा लगाया। और जब बारिश में नवाब का बारूद भीग गया, तब कंपनी का सूखा रहा। यह सब मिलाकर एक ऐसा दिन बना जिसने बंगाल — उस समय दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक — की सत्ता बदल दी।

Episodes

Episode outline

स्क्रिप्ट लिखी जा रही है

इस season का research dossier पूरा है और नीचे उपलब्ध है। episodes की स्क्रिप्ट अभी लिखी जा रही है — यह outline वही क्रम है जिसमें वे आएँगे।

  1. 01

    आम के बाग़ में

    प्लासी — युद्ध कम, सौदा ज़्यादा।

  2. 02

    बक्सर

    असली निर्णायक लड़ाई।

  3. 03

    दीवानी

    कर वसूलने के अधिकार का मतलब।

  4. 04

    1770

    अकाल, और वसूली जो नहीं रुकी।

  5. 05

    सहायक संधि

    बिना युद्ध के राज्य लेने का तरीक़ा।

  6. 06

    श्रीरंगपट्टनम

    टीपू का अंत।

  7. 07

    1818

    मराठा शक्ति का अंत, और उसके बाद।

Themes

इस season के मुख्य सूत्र

  1. 01कर-वसूली की सत्ता और उसका असर
  2. 02सहायक संधि (Subsidiary Alliance) की कार्य-प्रणाली
  3. 03भारतीय बैंकरों और सैनिकों की भूमिका
  4. 04अकाल और जवाबदेही का अभाव

Timeline

इस काल की प्रमुख घटनाएँ

  1. 1757 CE

    बंगाल

    प्लासी का युद्ध

    Established

    युद्ध कम, षड्यंत्र ज़्यादा — मीर जाफ़र की गद्दारी ने कंपनी को बंगाल की राजनीति का निर्णायक बना दिया।

  2. 1764 CE

    बिहार

    बक्सर का युद्ध

    Established

    मुग़ल बादशाह, अवध के नवाब और बंगाल के नवाब — तीनों मिलकर भी हारे। प्लासी से ज़्यादा निर्णायक युद्ध यही था।

  3. 1765 CE

    बंगाल

    बंगाल की दीवानी

    Established

    कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा से कर वसूलने का अधिकार मिला। एक व्यापारिक कंपनी अब एक राज्य की तरह राजस्व-सत्ता बन गई।

  4. 1770 CE

    बंगाल

    बंगाल का महा-अकाल

    Established

    अनुमानतः लाखों मौतें, जबकि कर-वसूली जारी रही। यह अकाल कंपनी-शासन की प्रकृति पर पहला बड़ा प्रश्नचिह्न था।

  5. 1799 CE

    मैसूर

    श्रीरंगपट्टनम और टीपू सुल्तान की मृत्यु

    Established

    मैसूर की हार से दक्षिण भारत में कंपनी का सबसे मज़बूत प्रतिद्वंद्वी समाप्त हुआ।

  6. 1818 CE

    महाराष्ट्र

    मराठा शक्ति का अंत

    Established

    तीसरे आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद पेशवा-सत्ता समाप्त। अब उपमहाद्वीप में कंपनी को चुनौती देने वाली कोई बड़ी भारतीय शक्ति नहीं बची।

Geography

महत्वपूर्ण स्थान

और वे वहीं क्यों थे

भूगोल इस series में सजावट नहीं है — वह अक्सर कारण होता है।

  • प्लासी

    नदिया, पश्चिम बंगाल

    वह आम-बगीचा जहाँ बंगाल की सत्ता एक दिन में बदल गई।

    यहीं क्यों — मुर्शिदाबाद के रास्ते पर — राजधानी और कंपनी के कलकत्ता ठिकाने के बीच।

  • कलकत्ता

    कोलकाता, पश्चिम बंगाल

    कंपनी और फिर ब्रिटिश भारत की राजधानी; और उन्नीसवीं सदी के सुधार-आंदोलनों का केंद्र।

    यहीं क्यों — हुगली नदी पर — जहाज़ अंदर तक आ सकते थे, और बंगाल का कपड़ा व अनाज पास में था।

Dossier

इस युग की दुनिया

समाज, अर्थव्यवस्था, कला, जीवन

कुछ खाने जान-बूझकर ख़ाली हैं — जहाँ साक्ष्य नहीं है, वहाँ हम कुछ नहीं लिखते। अनुपस्थिति भी एक सूचना है।

समाज
नए बिचौलिए वर्ग; और पुराने दरबारी अभिजात वर्ग का क्षय।
अर्थव्यवस्था
दीवानी के बाद भारतीय राजस्व से ही भारतीय माल ख़रीदा जाने लगा — यही 'drain' बहस का केंद्र है।
सैन्य
सिपाही सेना — भारतीय सैनिक, यूरोपीय अनुशासन और नक़द वेतन। कंपनी की सबसे बड़ी संपत्ति यही थी।

जो हम नहीं जानते

  • 1770 के अकाल में मृत्यु-संख्या के अनुमान व्यापक रूप से भिन्न हैं

Turning points

मोड़

  1. 1757

    प्लासी

    बंगाल की राजनीति कंपनी के हाथ में।

  2. 1764

    बक्सर

    तीन शक्तियों की संयुक्त हार — निर्णायक।

  3. 1765

    दीवानी

    कंपनी राजस्व-सत्ता बनी।

  4. 1770

    बंगाल अकाल

    शासन की प्रकृति पर पहला बड़ा प्रश्न।

  5. 1799 & 1818

    मैसूर और मराठा का अंत

    प्रतिद्वंद्विता समाप्त।

Meanwhile

और बाक़ी दुनिया में?

🌍 जब भारत में यह हो रहा था…

जब कंपनी बंगाल ले रही थी…

ब्रिटेन
औद्योगिक क्रांति की शुरुआत — और भारतीय कपड़े से प्रतिस्पर्धा।
अमेरिका
बोस्टन टी पार्टी में फेंकी गई चाय भी इसी कंपनी की थी।

Sources

इस season के स्रोत

  • प्राथमिक ग्रंथ17th–19th centuries

    East India Company records (India Office Records, British Library)

    कर, युद्ध, अकाल, व्यापार का विशाल संग्रह — पर यह विजेता-प्रशासन का अपना कागज़ है।

  • आधुनिक इतिहासकार1983

    Rulers, Townsmen and Bazaars

    C. A. Bayly

    18वीं सदी 'अंधकार युग' नहीं थी — क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाएँ और व्यापारी वर्ग सक्रिय थे।

Season finale

1818 के बाद सवाल यह नहीं रहा कि भारत पर कौन राज करेगा। सवाल यह हो गया कि वह राज कैसा होगा।

Next season

अगले season में: रेल, तार, कानून, अकाल और अंग्रेज़ी शिक्षा — एक साम्राज्य अपना ढाँचा बनाता है।

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