
Season 24 · In production
FREEDOM AND PARTITION
एक रात, दो देश
आठ साल जिनमें युद्ध, अकाल, बातचीत, दंगे और अंततः एक रेखा — जिसने डेढ़ करोड़ लोगों का जीवन बदल दिया।
- Period
- 1939 – 1948 CE
- Subtitle
- 1940 का दशक
- Episodes
- 8 outlined
Season introduction
यह season किस बारे में है
विभाजन को समझने के लिए यह मानना छोड़ना पड़ेगा कि यह अपरिहार्य था।
1946 की कैबिनेट मिशन योजना में एक ढीले संघ का प्रस्ताव था, जिसे लीग ने और कुछ हद तक कांग्रेस ने भी स्वीकार किया था। वह योजना टूटी — क्यों टूटी, इस पर इतिहासकार आज भी बहस करते हैं। इसके बाद अगस्त 1946 का कलकत्ता, फिर नोआखली, फिर बिहार और पंजाब। हिंसा ने राजनीति को पीछे छोड़ दिया।
Episodes
Episode outline
स्क्रिप्ट लिखी जा रही हैइस season का research dossier पूरा है और नीचे उपलब्ध है। episodes की स्क्रिप्ट अभी लिखी जा रही है — यह outline वही क्रम है जिसमें वे आएँगे।
- 01
युद्ध का भारत
1939 और बिना पूछे युद्ध में शामिल किया जाना।
- 02
1943
बंगाल का अकाल।
- 03
बातचीत के दौर
क्रिप्स से कैबिनेट मिशन तक।
- 04
अगस्त 1946
कलकत्ता, और उसके बाद।
- 05
पाँच हफ़्ते में एक सीमा
रैडक्लिफ़ का काम।
- 06
ट्रेनें
विस्थापन के दृश्य।
- 07
स्त्रियाँ
वह हिंसा जिसे इतिहास ने देर से दर्ज किया।
- 08
15 अगस्त
दो दृश्य, एक रात।
Themes
इस season के मुख्य सूत्र
- 01युद्ध और उसकी क़ीमत
- 021943 का बंगाल अकाल
- 03बातचीत के दौर — क्रिप्स, कैबिनेट मिशन, माउंटबेटन योजना
- 04सांप्रदायिक हिंसा और विस्थापन
- 05मानवीय स्मृति और मौखिक इतिहास
Timeline
इस काल की प्रमुख घटनाएँ
1942 CE
पूरा भारत
भारत छोड़ो आंदोलन
Established'करो या मरो'। नेतृत्व गिरफ़्तार होते ही आंदोलन स्वतःस्फूर्त और स्थानीय हो गया — कहीं समानांतर सरकारें तक बनीं।
1943 CE
बंगाल
बंगाल का अकाल
Establishedलगभग तीस लाख मौतें — युद्धकालीन नीतियों, जमाखोरी, परिवहन-रोक और प्रशासनिक विफलता के बीच।
1945–46 CE
दिल्ली–बंबई
आज़ाद हिंद मुक़दमे और नौसेना विद्रोह
Establishedलाल क़िले के मुक़दमों ने जनाक्रोश भड़काया; 1946 में बंबई का नौसेना विद्रोह। ब्रिटिश शासन का आधार — भारतीय वर्दीधारियों की वफ़ादारी — डगमगा गया।
14–15 अगस्त 1947
उपमहाद्वीप
स्वतंत्रता और विभाजन
Establishedदो देश, एक रात। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों का विस्थापन और लाखों की मृत्यु — आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा पलायन।
People
इस season के लोग
मोहनदास करमचंद गांधी
राष्ट्रीय आंदोलन के नेता
एक असफल बैरिस्टर जिसने दक्षिण अफ़्रीका में एक तकनीक विकसित की, और फिर उसी से एक साम्राज्य के सामने करोड़ों लोगों को खड़ा कर दिया।
Establishedजवाहरलाल नेहरू
भारत के पहले प्रधानमंत्री
जेल की कोठरियों में इतिहास लिखने वाला वह नेता, जिसे फिर सत्रह वर्ष तक एक नए राष्ट्र को चलाना पड़ा।
Establishedवल्लभभाई पटेल
उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री
बारडोली के किसान-सत्याग्रह से लेकर पाँच सौ रियासतों के एकीकरण तक — संगठन और दबाव, दोनों के उस्ताद।
Establishedमुहम्मद अली जिन्ना
मुस्लिम लीग के नेता; पाकिस्तान के संस्थापक
जिन्हें कभी 'हिंदू-मुस्लिम एकता का दूत' कहा गया, वही दो दशक बाद अलग राष्ट्र की माँग के सबसे दृढ़ प्रवक्ता बने।
Established
Dossier
इस युग की दुनिया
समाज, अर्थव्यवस्था, कला, जीवनकुछ खाने जान-बूझकर ख़ाली हैं — जहाँ साक्ष्य नहीं है, वहाँ हम कुछ नहीं लिखते। अनुपस्थिति भी एक सूचना है।
- समाज
- लगभग डेढ़ करोड़ लोगों का विस्थापन; स्त्रियों के विरुद्ध व्यापक हिंसा और अपहरण — जिसे दशकों तक इतिहास-लेखन ने लगभग छुआ नहीं। Urvashi Butalia और Ritu Menon जैसे शोधकर्ताओं ने इसे मौखिक इतिहास के ज़रिए सामने लाया।
- अर्थव्यवस्था
- युद्ध-कालीन मुद्रास्फीति; अकाल; और विभाजन से टूटी हुई आर्थिक इकाइयाँ — जूट के खेत एक ओर, मिलें दूसरी ओर।
जो हम नहीं जानते
- विभाजन में मृत्यु-संख्या के अनुमान दो लाख से बीस लाख तक भिन्न हैं
Turning points
मोड़
1942
क्रिप्स मिशन की विफलता और भारत छोड़ो
बातचीत टूटी।
1943
बंगाल अकाल
शासन की वैधता पर सबसे गहरा प्रश्न।
1946
कैबिनेट मिशन और डायरेक्ट एक्शन डे
अंतिम संयुक्त विकल्प का पतन।
1947
माउंटबेटन योजना और रैडक्लिफ़ रेखा
सीमा पाँच हफ़्तों में खींची गई।
Meanwhile
और बाक़ी दुनिया में?
🌍 जब भारत में यह हो रहा था…
जब भारत आज़ाद हो रहा था…
- दुनिया
- द्वितीय विश्व युद्ध का अंत; उपनिवेशों का टूटना शुरू।
- फ़िलिस्तीन
- एक और विभाजन-योजना, उसी वर्ष।
Sources
इस season के स्रोत
- आधुनिक इतिहासकार1985
The Sole Spokesman: Jinnah, the Muslim League and the Demand for Pakistan
Ayesha Jalal
विभाजन की माँग को bargaining-चाल के रूप में पढ़ने वाला प्रभावशाली और विवादित तर्क।
- आधुनिक इतिहासकार2007
India After Gandhi
Ramachandra Guha
1947 के बाद के भारत का सबसे व्यापक एक-खंडीय वृत्तांत।
- आधुनिक इतिहासकार1983
Modern India 1885–1947
Sumit Sarkar
राष्ट्रीय आंदोलन का मानक विश्लेषण — नेताओं और जन-दबाव के बीच के तनाव पर विशेष ध्यान।
Season finale
14–15 अगस्त की रात दिल्ली में भाषण हो रहा था। उसी समय पंजाब और बंगाल की सड़कों पर लोग अपना सब कुछ छोड़कर चल पड़े थे। भारत की आज़ादी की कहानी इन दोनों दृश्यों के बिना अधूरी है।
Next season
अगले season में: एक नया देश — जिसे संविधान लिखना है, रियासतें जोड़नी हैं, और अपनी पहली रोटी का इंतज़ाम करना है।
Season 25 — THE REPUBLIC →