Skip to content

Season 22 · In production

GANDHI AND THE MASS MOVEMENT

जब आंदोलन गाँव पहुँचा

कैसे एक आंदोलन जो वकीलों और प्रोफ़ेसरों का था, करोड़ों किसानों, मज़दूरों और स्त्रियों का बन गया।

Period
1915 – 1942 CE
Subtitle
चंपारण से भारत छोड़ो तक
Episodes
9 outlined

Season introduction

यह season किस बारे में है

गांधी की सबसे बड़ी खोज अहिंसा नहीं थी। अहिंसा का विचार भारत में पुराना है। उनकी खोज यह थी कि अहिंसा को संगठित कैसे किया जाए।

उन्होंने प्रतीक चुने जो हर किसी को समझ आते थे — नमक, चरखा, खादी। उन्होंने भाषा बदली — अंग्रेज़ी से हिंदुस्तानी। और उन्होंने आंदोलन का ढाँचा बदला — कांग्रेस को ज़िले और गाँव तक ले गए, चार आने की सदस्यता के साथ।

Episodes

Episode outline

स्क्रिप्ट लिखी जा रही है

इस season का research dossier पूरा है और नीचे उपलब्ध है। episodes की स्क्रिप्ट अभी लिखी जा रही है — यह outline वही क्रम है जिसमें वे आएँगे।

  1. 01

    वापसी

    1915 — और एक साल की चुप्पी।

  2. 02

    चंपारण

    नील के किसान और पहला भारतीय सत्याग्रह।

  3. 03

    13 अप्रैल 1919

    जलियाँवाला बाग़।

  4. 04

    असहयोग

    बहिष्कार का पहला बड़ा प्रयोग।

  5. 05

    चौरी-चौरा

    आंदोलन वापस लेने का फ़ैसला।

  6. 06

    241 मील

    दांडी।

  7. 07

    पूना, 1932

    गांधी और आंबेडकर आमने-सामने।

  8. 08

    स्त्रियाँ सड़क पर

    आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी।

  9. 09

    करो या मरो

    1942 और उसके बाद।

Themes

इस season के मुख्य सूत्र

  1. 01सत्याग्रह की कार्य-पद्धति
  2. 02जन-भागीदारी और स्थानीय पहल
  3. 03जाति का सवाल — गांधी बनाम आंबेडकर
  4. 04स्त्रियों की सार्वजनिक भागीदारी
  5. 05आंदोलन और मज़दूर-किसान संगठनों का रिश्ता

Timeline

इस काल की प्रमुख घटनाएँ

  1. 1915 CE

    भारत

    गांधी की भारत-वापसी

    Established

    दक्षिण अफ़्रीका में इक्कीस वर्ष के सत्याग्रह-प्रयोग के बाद लौटे गांधी ने पहला वर्ष केवल देश देखने में लगाया।

  2. 1917 CE

    बिहार

    चंपारण सत्याग्रह

    Established

    बिहार के नील-किसानों के साथ गांधी का पहला भारतीय सत्याग्रह — और भारतीय राजनीति में गाँव का प्रवेश।

  3. 13 अप्रैल 1919

    पंजाब

    जलियाँवाला बाग़

    Established

    अमृतसर में निहत्थी भीड़ पर गोलीबारी। सैकड़ों मृत। इस एक दिन ने असंख्य उदारवादियों का साम्राज्य पर से भरोसा तोड़ दिया।

  4. 1920–22 CE

    पूरा भारत

    असहयोग आंदोलन

    Established

    उपाधियाँ, अदालतें, स्कूल और विदेशी कपड़े का बहिष्कार — पहली बार आंदोलन शहरों से निकलकर गाँवों तक पहुँचा। चौरी-चौरा की हिंसा के बाद गांधी ने इसे वापस ले लिया।

  5. 1930 CE

    गुजरात

    दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा

    Established

    241 मील पैदल चलकर समुद्र से नमक — एक ऐसा प्रतीक जिसे हर ग़रीब समझ सकता था, और जिसने आंदोलन को विश्व-मंच पर पहुँचा दिया।

  6. 1932 CE

    पुणे

    पूना पैक्ट

    Established

    पृथक निर्वाचन बनाम आरक्षित सीटों पर आंबेडकर और गांधी के बीच तीखा टकराव और समझौता — भारतीय राजनीति में जाति के प्रश्न का निर्णायक क्षण।

People

इस season के लोग

Geography

महत्वपूर्ण स्थान

और वे वहीं क्यों थे

भूगोल इस series में सजावट नहीं है — वह अक्सर कारण होता है।

  • जलियाँवाला बाग़

    अमृतसर, पंजाब

    चारदीवारी से घिरा वह मैदान जहाँ से निकलने का एक ही सँकरा रास्ता था।

    यहीं क्यों — स्वर्ण मंदिर के पास, बैसाखी के दिन भीड़ जुटने की स्वाभाविक जगह।

  • दांडी

    नवसारी, गुजरात

    वह तट जहाँ 241 मील की पदयात्रा के बाद गांधी ने मुट्ठी भर नमक उठाया।

    यहीं क्यों — समुद्र, और कानून — दोनों वहीं मिलते थे।

Dossier

इस युग की दुनिया

समाज, अर्थव्यवस्था, कला, जीवन

कुछ खाने जान-बूझकर ख़ाली हैं — जहाँ साक्ष्य नहीं है, वहाँ हम कुछ नहीं लिखते। अनुपस्थिति भी एक सूचना है।

समाज
आंदोलन में पहली बार बड़ी संख्या में स्त्रियाँ सार्वजनिक रूप से बाहर आईं — 1930 के नमक सत्याग्रह में विशेष रूप से।
अर्थव्यवस्था
खादी और स्वदेशी की आर्थिक तर्क-रेखा; और मिल-मालिकों के साथ कांग्रेस का जटिल संबंध।
स्त्रियाँ
कस्तूरबा, सरोजिनी नायडू, कमलादेवी चट्टोपाध्याय, अरुणा आसफ़ अली — और लाखों अनाम स्त्रियाँ।

Turning points

मोड़

  1. 1919

    जलियाँवाला बाग़

    उदारवादी भरोसा टूटा।

  2. 1920–22

    असहयोग

    पहला अखिल भारतीय जन-आंदोलन।

  3. 1930

    दांडी

    एक प्रतीक जो हर कोई समझ सकता था।

  4. 1932

    पूना पैक्ट

    जाति और प्रतिनिधित्व का निर्णायक टकराव।

Meanwhile

और बाक़ी दुनिया में?

🌍 जब भारत में यह हो रहा था…

जब दांडी मार्च हो रहा था…

दुनिया
महामंदी (Great Depression)।
जर्मनी
नाज़ी पार्टी का उभार।
अमेरिका
New Deal की ओर।

Sources

इस season के स्रोत

  • प्राथमिक ग्रंथ1909 onward

    Collected Works of Mahatma Gandhi; हिन्द स्वराज (1909)

    M. K. Gandhi

    गांधी के अपने शब्द — पत्र, लेख, भाषण; 100 खंडों में।

  • प्राथमिक ग्रंथ1917 onward

    Dr. Babasaheb Ambedkar: Writings and Speeches

    B. R. Ambedkar

    जाति, संविधान और अधिकारों पर मूल ग्रंथ — Annihilation of Caste सहित।

  • आधुनिक इतिहासकार1983

    Modern India 1885–1947

    Sumit Sarkar

    राष्ट्रीय आंदोलन का मानक विश्लेषण — नेताओं और जन-दबाव के बीच के तनाव पर विशेष ध्यान।

  • आधुनिक इतिहासकार1988

    India's Struggle for Independence

    Bipan Chandra, Mridula Mukherjee, Aditya Mukherjee et al.

    व्यापक रूप से पढ़ा जाने वाला राष्ट्रवादी-धारा का वृत्तांत।

Season finale

1942 में 'करो या मरो' के बाद पूरा नेतृत्व जेल में था। और तब पता चला कि आंदोलन अब नेताओं का मोहताज नहीं रहा।

Next season

अगले season में: वे जिन्होंने दूसरा रास्ता चुना — भगत सिंह से लेकर आज़ाद हिंद फ़ौज तक।

Season 23 — REVOLUTIONARIES AND SUBHAS BOSE →