
Season 11 · In production
THE GREAT SOUTHERN KINGDOMS
दक्षिण की महाशक्तियाँ
आठ सौ वर्षों तक दक्षिण भारत में ऐसी शक्तियाँ रहीं जिनके मंदिर आज भी खड़े हैं, जिनके अभिलेख गाँव-सभा के चुनाव तक का ब्योरा देते हैं, और जिनकी नौसेना सुमात्रा तक पहुँची।
- Period
- c. 550 – 1350 CE
- Subtitle
- पल्लव, चालुक्य, राष्ट्रकूट, चोल, पांड्य, होयसल, काकतीय
- Episodes
- 9 outlined
Season introduction
यह season किस बारे में है
उत्तर भारत का इतिहास प्रायः आक्रमणों से नापा जाता है। दक्षिण का इतिहास मंदिरों और अभिलेखों से नापा जा सकता है — और वे कहीं ज़्यादा बोलते हैं।
उत्तिरमेरूर के एक अभिलेख में यह लिखा है कि गाँव की समिति के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु क्या हो, उसके पास कितनी ज़मीन हो, वह कितना पढ़ा हो, और अगर उसने पिछले हिसाब नहीं दिए तो वह अयोग्य क्यों है। यह दसवीं सदी है।
Episodes
Episode outline
स्क्रिप्ट लिखी जा रही हैइस season का research dossier पूरा है और नीचे उपलब्ध है। episodes की स्क्रिप्ट अभी लिखी जा रही है — यह outline वही क्रम है जिसमें वे आएँगे।
- 01
पत्थर में पहला मंदिर
पल्लव और महाबलिपुरम।
- 02
ऐहोल की प्रयोगशाला
चालुक्यों ने शैलियाँ कैसे गढ़ीं।
- 03
एक चट्टान, एक मंदिर
कैलास — ऊपर से नीचे तराशा गया।
- 04
चोल उठते हैं
कावेरी डेल्टा से एक साम्राज्य।
- 05
उत्तिरमेरूर
दसवीं सदी की चुनाव-प्रक्रिया, पत्थर पर लिखी।
- 06
समुद्र पार
राजेंद्र का श्रीविजय अभियान।
- 07
नटराज
कांस्य में जमी गति।
- 08
भक्ति का पहला स्वर
नयनार और आलवार — और जाति पर उनका प्रहार।
- 09
उत्तर से सेना
1310 के बाद दक्षिण का बदलता नक्शा।
Themes
इस season के मुख्य सूत्र
- 01मंदिर — पूजा-स्थल, बैंक, भूमि-स्वामी और नियोक्ता
- 02गाँव-सभाओं का स्वशासन
- 03समुद्री शक्ति और दक्षिण-पूर्व एशिया
- 04भक्ति आंदोलन की दक्षिणी जड़ें
- 05कला और स्थापत्य का शिखर
Timeline
इस काल की प्रमुख घटनाएँ
c. 610–642 CE
दक्कन
पुलकेशिन द्वितीय और चालुक्य शक्ति
Establishedबादामी से दक्कन पर नियंत्रण; हर्ष को रोकना; और पल्लवों से लंबा संघर्ष जिसमें अंततः वातापी लूटा गया।
c. 760 CE
दक्कन
एलोरा का कैलास मंदिर
Establishedराष्ट्रकूट कृष्ण प्रथम के समय एक ही चट्टान को ऊपर से नीचे काटकर बनाया गया मंदिर — जोड़ा नहीं गया, तराशा गया।
985–1014 CE
तमिलकम
राजराज चोल प्रथम
Establishedतंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर, नौसैनिक विस्तार, और गाँव-सभाओं तक पहुँचने वाली विस्तृत अभिलेख-व्यवस्था।
c. 1025 CE
बंगाल की खाड़ी
राजेंद्र चोल का दक्षिण-पूर्व एशिया अभियान
Establishedश्रीविजय के विरुद्ध समुद्री अभियान — भारतीय इतिहास में समुद्र-पार शक्ति-प्रदर्शन का दुर्लभ उदाहरण, और व्यापार-मार्गों पर नियंत्रण की लड़ाई।
Powers
राज्य और शक्तियाँ
- पल्लवc. 275–897 CE
- महाबलिपुरम, कांचीपुरम; पत्थर-स्थापत्य की शुरुआत।
- बादामी चालुक्य543–753 CE
- ऐहोल, पट्टदकल — मंदिर-शैलियों की प्रयोगशाला।
- राष्ट्रकूट753–982 CE
- एलोरा का कैलास मंदिर।
- चोल848–1279 CE
- तंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरम; नौसैनिक विस्तार; अभिलेखीय प्रशासन।
- होयसल1026–1343 CE
- बेलूर, हलेबिडु — पत्थर पर की गई सबसे बारीक नक़्क़ाशी।
- काकतीय1163–1323 CE
- वारंगल; रामप्पा मंदिर; बड़े पैमाने पर तालाब-निर्माण।
People
इस season के लोग
Geography
महत्वपूर्ण स्थान
और वे वहीं क्यों थेभूगोल इस series में सजावट नहीं है — वह अक्सर कारण होता है।
तंजावुर
तंजावुर, तमिलनाडु
चोल राजधानी; बृहदीश्वर मंदिर।
यहीं क्यों — कावेरी डेल्टा — दक्षिण भारत का सबसे उपजाऊ क्षेत्र, यानी सबसे बड़ा अन्न-अधिशेष।
Dossier
इस युग की दुनिया
समाज, अर्थव्यवस्था, कला, जीवनकुछ खाने जान-बूझकर ख़ाली हैं — जहाँ साक्ष्य नहीं है, वहाँ हम कुछ नहीं लिखते। अनुपस्थिति भी एक सूचना है।
- समाज
- मंदिर के इर्द-गिर्द बना समाज; ब्रह्मदेय और देवदान गाँव; और साथ ही कठोर सामाजिक श्रेणीबद्धता, जिसके विरुद्ध भक्ति संतों ने आवाज़ उठाई।
- अर्थव्यवस्था
- सिंचाई-तंत्र (चोल और काकतीय के तालाब), व्यापारी संघ — 'अय्यावोले 500' और 'मणिग्रामम्' — जो समुद्र पार तक व्यापार करते थे।
- धर्म और दर्शन
- शैव और वैष्णव भक्ति; नयनार और आलवार संतों की कविता, जिसमें कई निम्न कही जाने वाली जातियों से थे।
- कला
- चोल कांस्य — विशेषकर नटराज, जो विश्व-कला के शिखरों में गिना जाता है; पल्लव शैल-स्थापत्य।
- स्थापत्य
- बृहदीश्वर का 66 मीटर ऊँचा विमान; रामप्पा मंदिर की तैरती हुई ईंटें; होयसल मंदिरों की तारा-आकार योजना।
- साहित्य
- तमिल भक्ति-साहित्य (तेवारम, दिव्य प्रबंधम); कन्नड़ में पंप, रन्न; तेलुगु में नन्नय।
- विज्ञान और तकनीक
- जल-प्रबंधन और नगर-नियोजन; धातु-ढलाई की उन्नत तकनीक (lost-wax casting)।
- सैन्य
- चोल नौसेना — भारतीय इतिहास में समुद्र-पार शक्ति-प्रदर्शन का सबसे बड़ा उदाहरण।
- स्त्रियाँ
- मंदिरों में स्त्रियों के दान-अभिलेख; रानी सेंबियन महादेवी जैसी संरक्षक; और देवदासी संस्था, जिसका इतिहास जटिल और विवादित है।
- व्यापार
- श्रीविजय, चीन और अरब दुनिया तक; और इसी व्यापार पर नियंत्रण के लिए चोल-श्रीविजय टकराव।
जो हम नहीं जानते
- चोल राज्य कितना केंद्रीकृत था — Stein का 'segmentary state' मॉडल आज भी बहस में है
Turning points
मोड़
c. 642 CE
पल्लव-चालुक्य संघर्ष का चरम
दक्षिण की दो बड़ी शक्तियों का सौ साल लंबा टकराव।
c. 760 CE
कैलास मंदिर
एक ही चट्टान से तराशा गया मंदिर — तकनीक और महत्वाकांक्षा, दोनों का शिखर।
1010 CE
बृहदीश्वर मंदिर पूर्ण
राज्य-शक्ति और धार्मिक संरक्षण का सबसे बड़ा कथन।
1025 CE
श्रीविजय अभियान
व्यापार-मार्ग पर सैन्य नियंत्रण की कोशिश।
Meanwhile
और बाक़ी दुनिया में?
🌍 जब भारत में यह हो रहा था…
जब चोल शिखर पर थे…
- यूरोप
- नॉर्मन विजय (1066); धर्मयुद्धों की शुरुआत।
- चीन
- सुंग वंश — कागज़ी मुद्रा और छपाई।
- दक्षिण-पूर्व एशिया
- अंगकोर वाट का निर्माण-काल; भारतीय प्रभाव स्पष्ट।
Sources
इस season के स्रोत
- अभिलेख9th–13th century CE
चोल मंदिर अभिलेख (Uttiramerur, Thanjavur, Gangaikondacholapuram)
हज़ारों अभिलेख — भूमि-दान, कर, ग्राम-सभा की चुनाव-प्रक्रिया, मंदिर के कर्मचारी। दक्षिण भारत के स्थानीय शासन का असाधारण record।
- आधुनिक इतिहासकार1980
Peasant State and Society in Medieval South India
Burton Stein
'segmentary state' मॉडल — चोल राज्य कितना केंद्रीकृत था, इस पर लंबी बहस इसी से शुरू हुई।
- आधुनिक इतिहासकार2008
A History of Ancient and Early Medieval India
Upinder Singh
पुरातत्व और ग्रंथों को साथ रखकर पढ़ने वाला विस्तृत textbook।
Season finale
चौदहवीं सदी की शुरुआत में दिल्ली की सेनाएँ दक्कन और उससे आगे पहुँचती हैं। दक्षिण की पुरानी व्यवस्था हिल जाती है — और उसी हलचल से विजयनगर जन्म लेगा।
Next season
अगले season में: दिल्ली — एक शहर जो तीन सौ साल तक उपमहाद्वीप की धुरी रहेगा।
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